लखनऊ , मार्च 13 -- उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र किसानों और उद्यमियों की आय बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत मिलने वाली सुविधाओं और अनुदानों के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि प्रदेश में नए उद्यम स्थापित हो सकें।

इस क्रम में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण के लिए उद्यान निदेशालय में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में अप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 19 नए प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 14 प्रस्तावों को राज्य स्तरीय सशक्त समिति (एसएलईसी) के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति दी गई।

ये प्रस्ताव वाराणसी, मेरठ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, बरेली, कौशांबी, अयोध्या और रामपुर जिलों से संबंधित हैं। अनुमोदित प्रस्तावों में नमकीन और स्वीट्स निर्माण इकाई, फ्रोज़न सब्जी प्रसंस्करण, कलीनरी हर्ब्स, सोलर पावर प्लांट, मिल्क पाउडर, देशी घी, पनीर और वे प्रोटीन पाउडर उत्पादन, मसाला प्रसंस्करण, रेडी-टू-कुक उत्पाद (प्री-मिक्स दलिया व खिचड़ी) तथा पोल्ट्री फीड इकाई की स्थापना शामिल है। इन परियोजनाओं में लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।

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