नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- देश में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पांच योजनाओं के एक एकीकृत कार्यक्रम का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा खादी को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना भी शुरू की जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आज केन्द्रीय बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ज्यादा मेहनत पर आधारित वस्त्र उद्योग के लिए पांच हिस्सों वाले इस कार्यक्रम का प्रस्ताव है। पांच योजनाओं में से पहली रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर, मानव निर्मित फाइबर और आधुनिक फाइबरों में आत्म-निर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना है।
दूसरी, मशीनरी प्रौद्योगिकी उन्नयन और सामान्य परीक्षण एवं प्रमाणन केन्द्रों के लिए पूंजीगत सहायता के साथ पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना है। मौजूदा योजनाओं को एकीकृत एवं मजबूत करने और बुनकरों एवं कारीगरों के लिए लक्षित सहायता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम तीसरी योजना है।
वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और धारण करने योग्य वस्त्र तथा परिधानों को बढ़ावा देने के लिए टेक्स-इको पहल चौथी योजना है। पांचवीं योजना उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए 'समर्थ 2.0' है। वित्त मंत्री ने मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का भी प्रस्ताव किया।
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