मुंबई , मार्च 27 -- इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की चिंगारी केवल खाड़ी क्षेत्र तक ही नहीं पहुंची, बल्कि मुंबई की रसोइयों तक भी आ गई है। आम मुंबईकर एलपीजी सिलेंडर के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े हैं, वहीं एक राज्य कैबिनेट मंत्री "विशेष पत्र" के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं।
यह पत्र जैन समुदाय के लिए विशेष अपील वाला है, जो अब मुंबई की राजनीति में भूकंप मचाने वाला माना जा रहा है। महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री और मालाबार हिल से विधायक मंगल प्रभात लोढा ने अपने क्षेत्र के जैन समुदाय को एक विशेष पत्र लिखा है।
आयंबिल ओली का जैन पर्व 28 मार्च से 4 अप्रैल तक मनाया जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों में गैस की कमी न हो, इसके लिए श्री लोढा ने जैन संस्थाओं और सोसायटियों से अपील की है कि वे सीधे उनके कार्यालय से संपर्क करें।
हालांकि, पूरे मुंबई में गंभीर एलपीजी संकट के बीच मंत्री द्वारा केवल एक समुदाय को "विशेष सुविधा" देने पर सवाल उठ रहे हैं।
मुंबई में पहले से ही मराठी बनाम गैर-मराठी का भाषाई और जातीय तनाव चल रहा है, ऐसे में श्री लोढा के इस पत्र ने आग में घी डाल दिया है।
विपक्षी नेता और आम नागरिक सवाल पूछ रहे हैं-"क्या एक मंत्री पूरे राज्य के लिए होता है या सिर्फ एक खास समुदाय के लिए?"जब आम आदमी चूल्हा जलाने के लिए गैस नहीं पा रहा है, छोटे होटल और चाय की दुकानें बंद हो रही हैं, तब मंत्री इस खास वर्ग के लिए सिलेंडर कहां से लाएंगे, इस पर संदेह का घना कोहरा छा गया है।
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