संगरूर , मई 19 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध की आड़ में अपनी विदेश और आर्थिक नीतियों की विफलता छिपाने की कोशिश कर रही है।
श्री मान ने आज यहां भूमिगत बिजली वायरिंग परियोजना की शुरुआत के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों से पेट्रोल, डीजल, गैस और सोना खरीदने में संयम बरतने की अपील कर रही है, जबकि दुनिया के किसी अन्य देश ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार को देशवासियों में डर फैलाने की बजाय तेल, एलपीजी और सोने के वास्तविक भंडार की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेतृत्व कभी भारत को "विश्व गुरु" बनाने की बात करता था, उसने देश को "विश्व चेला" बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छोटे-छोटे फैसलों के लिए भी अमेरिका की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, लेकिन कभी देश या संसद को यह नहीं बताते कि इन दौरों से भारत को क्या लाभ हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने उद्योगपति मित्रों को साथ लेकर विदेश जाते हैं और उनके लिए कारोबारी समझौते सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे कुछ चुनिंदा उद्योगपति लगातार अमीर होते जा रहे हैं, जबकि आम जनता आर्थिक संकट का सामना कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश में अव्यवस्था का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि युद्ध इजराइल और ईरान के बीच हो रहा है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर भारत में दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों से सादगी अपनाने की अपील कर रही है, जबकि खुद प्रधानमंत्री भव्य जीवनशैली और विदेशी दौरों में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनविरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है और चुनावी राजनीति में व्यस्त रहने के कारण समय रहते हालात को नहीं समझ सकी। पंजाब भाजपा नेतृत्व पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य भाजपा नेता जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटे हुए हैं और केवल हाईकमान की भाषा बोलते हैं। उन्होंने कहा कि डीएपी खाद की उपलब्धता का मुद्दा वह पहले ही केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष उठा चुके हैं और पंजाब की जरूरतें पूरी करने का आश्वासन मिला है।
मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने और विपक्षी नेताओं को भाजपा में शामिल करवाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
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