नयी दिल्ली , मई 01 -- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को यहां आयोजित आइजैक सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी (आईसीपीपी) विकास सम्मेलन 2026 में सहभागिता की और राज्य की विकास गाथा तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
अशोक विश्वविद्यालय के तहत 'आइज़ैक सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी' की ओर से आयोजित सम्मेलन में देशभर से नीति-निर्माता, शिक्षाविद और विचारकों ने शिरकत की। सभा को संबोधित करते हुए श्री खांडू ने अरुणाचल प्रदेश को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक संसाधनों से समृद्ध बताया। उन्होंने 'नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी' से लेकर 1987 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने तक के इसके सफर का ज़िक्र किया, और 26 प्रमुख जनजातियों तथा सौ से अधिक उप-जनजातियों से बनी इसकी विविधता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है और इस बदलाव का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नीतियों पर दिए गए विशेष ध्यान को दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों के नियमित दौरों से विकास की गति तेज़ हुई है, क्योंकि इससे बेहतर तालमेल सुनिश्चित हुआ है और समस्याओं का समय पर समाधान हो पाया है। आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए, श्री खांडू ने अरुणाचल प्रदेश को जलविद्युत के क्षेत्र में "भारत का पावरहाउस" बताया और कहा कि प्रदेश में लगभग 19,000 एमडब्ल्यू क्षमता की परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं और 2047 तक 40,000 एमवी का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पर्यटन, कृषि और बागवानी के क्षेत्रों में भी हुई महत्वपूर्ण प्रगति का ज़िक्र किया, जिसे बेहतर सम्पर्क और बुनियादी ढाँचे से बल मिला है।
शासन-प्रशासन के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किए जा रहे सुधारों पर ज़ोर दिया। इनमें अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड और अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को और अधिक सशक्त बनाना शामिल है, ताकि नियुक्तियाँ पूरी तरह से योग्यता के आधार पर हों। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सुधार लागू किए जा रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। छह सौ से अधिक ऐसे स्कूलों का पुनर्गठन करना जो अब व्यावहारिक रूप से चल पाने में सक्षम नहीं थे, तथा उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा संस्थानों का विस्तार करना इन कदमों को प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर गिनाया गया।
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