खैरागढ़ , अप्रैल 16 -- ) जल जीवन मिशन के तहत "हर घर जल" पहुंचाने की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) विभाग की है, लेकिन खैरागढ़ में इस जिम्मेदारी का निर्वहन सवालों के घेरे में नजर आ रहा है। कार्यपालन अभियंता प्रदीप खलको की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है, और योजना की रफ्तार जमीन पर सुस्त पड़ी हुई है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र में पाइपलाइन विस्तार और जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं बार-बार सामने रखी जा रही हैं, लेकिन समाधान के बजाय अनदेखी हो रही है। "हर घर जल" के लक्ष्य को पूरा करने की दायित्व पीएचई का है, उसके अनुरूप कार्यों में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही।
ठेकेदारों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि बिलों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा। नए बिलों को मंजूरी नहीं मिल रही, वहीं पुराने बिल तकनीकी आपत्तियों में उलझे हुए हैं। कई मामलों में कार्य पूर्ण होने के बाद भी मेजरमेंट नहीं हो पा रहा, जिससे भुगतान और कार्य प्रगति दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि कागजों में योजना आगे बढ़ती दिख रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई घर अब भी पानी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब "हर घर जल" देना विभाग की जिम्मेदारी है, तो आखिर इसकी पूर्ति में लगातार देरी क्यों हो रही है?अब क्षेत्र में बढ़ते असंतोष के बीच नजरें जिला प्रशासन और कलेक्टर पर टिकी हैं कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर जिम्मेदारी तय करेंगे और जल जीवन मिशन को वास्तविक गति दिलाएंगे।
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