नयी दिल्ली , मई 11 -- देश में उर्वरकों की उपलब्धता वर्तमान में सुदृढ़, स्थिर और बेहतर ढंग से प्रबंधित है। सभी प्रमुख उर्वरकों की आपूर्ति मांग के मुकाबले लगातार अधिक बनी हुई है।
उर्वरक मंत्रालय में अपर सचिव अपर्णा एस शर्मा ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।
आगामी खरीफ 2026 सीजन के लिए कृषि विभाग ने कुल 390.54 लाख टन उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया है। इस मांग के मुकाबले, देश के पास 199.65 लाख टन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यह कुल आवश्यकता का 51 फीसदी से भी अधिक है। सामान्यतः यह स्तर 33 प्रतिशत रहता है।
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया के हालिया संकट के बावजूद देश में 97 लाख टन उर्वरक की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसमें घरेलू उत्पादन का योगदान 76.78 लाख टन रहा, जबकि 19.94 लाख टन आयात के जरिए बंदरगाहों पर पहुंचा है। इसके अलावा मई और जून के लिए लगभग 7 लाख टन एनपीके का स्टॉक भी पहले ही सुरक्षित कर लिया है।
पीक सीजन की जरूरतों को देखते हुए भारतीय कंपनियों ने 12 लाख टन डीएपी, 4 लाख टन टीएसपी और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट के लिए वैश्विक निविदाएं जारी की हैं। इसके अतिरिक्त, कच्चे माल के रूप में 5.36 लाख टन अमोनिया और 5.94 लाख टन सल्फर की खरीद प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित