कानपुर नगर , जून 3 -- कानपुर के जिला कृषि अधिकारी अरूणेश प्रताप सिंह ने किसानों से खरीफ-2026 सीजन में उर्वरकों का उपयोग शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप करने की अपील करते हुए कहा है कि किसानों को निर्धारित सीमा के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बुधवार को बताया कि किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बैग यूरिया तथा पांच बैग डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर आईडी को अनिवार्य किया गया है।

जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री एवं फार्मर आईडी के अभाव में किसानों को उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराएं तथा यह सुनिश्चित करें कि उनकी कृषित भूमि की सभी गाटा संख्याएं रजिस्ट्री में दर्ज हों।

उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र के उर्वरक बिक्री केंद्रों से प्रातः नौ बजे से सायं छह बजे तक तथा सहकारी क्षेत्र के बिक्री केंद्रों से प्रातः 10 बजे से सायं पांच बजे तक उर्वरकों का वितरण किया जाएगा।

श्री सिंह ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं वैकल्पिक उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि फसलों की द्वितीय एवं तृतीय टॉप ड्रेसिंग में दानेदार उर्वरकों के स्थान पर तरल नैनो यूरिया का प्रयोग किया जाए। इसी प्रकार फास्फेटिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में टीएसपी, एनपीके तथा नैनो डीएपी का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने यूरिया के विकल्प के रूप में अमोनियम सल्फेट के प्रयोग को भी लाभकारी बताया।

उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए कृषि विभाग द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान निजी क्षेत्र से संबंधित समस्याओं के लिए मोबाइल नंबर 6393775438 तथा सहकारी क्षेत्र से संबंधित शिकायतों के लिए मोबाइल नंबर 9793183550 पर संपर्क कर सकते हैं।

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