बैतूल , जून 23 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरिया, एनपीके और डीएपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है।

उप संचालक कृषि राम गोपाल रजक ने बताया कि वर्ष 2026-27 के खरीफ सीजन में जिले में 4 लाख 56 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें लगभग 3 लाख हेक्टेयर में मक्का, 95 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन, 44 हजार हेक्टेयर में धान, 6 हजार हेक्टेयर में अरहर तथा शेष क्षेत्र में अन्य फसलों की बोनी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 52 हजार 120 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। इनमें से 34 हजार 331 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है, जबकि 17 हजार 789 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।

इसी प्रकार 11 हजार 519 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक का भंडारण किया गया, जिसमें से 5 हजार 524 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है तथा 5 हजार 995 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार डीएपी उर्वरक का कुल 7 हजार 956 मीट्रिक टन भंडारण किया गया था। इनमें से 7 हजार 293 मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 663 मीट्रिक टन डीएपी शेष है।

श्री रजक ने किसानों से बोनी के समय आधार खाद के रूप में एनपीके उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि संतुलित पोषण से फसलों की वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखे हुए है और जिले में किसी भी क्षेत्र में उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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