लखनऊ , जुलाई 29 -- उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर बीज, उर्वरक तथा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में खरीफ फसलों के लिए निर्धारित लगभग 107 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल के लक्ष्य के सापेक्ष करीब 95 प्रतिशत क्षेत्र में बुवाई का कार्य पूरा हो चुका है।

श्री शाही ने बुधवार को यहां बताया कि किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर 1,73,641 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा दलहन, तिलहन, बाजरा और सावा जैसी फसलों के 16,449 क्विंटल निःशुल्क मिनीकिट भी वितरित किए गए हैं। तोरिया बीज मिनीकिट योजना के तहत एक हजार क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 600 क्विंटल निःशुल्क मिनीकिट तथा 400 क्विंटल अनुदान पर वितरित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है। किसानों को फार्म मशीन बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर तथा विभिन्न कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उर्वरकों की उपलब्धता के संबंध में कृषि मंत्री ने कहा कि एक अप्रैल से 28 जुलाई के बीच प्रदेश को 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हुआ। इसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 28.82 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि पहले जहां लगभग 1,500 सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण किया जाता था, वहीं अब करीब 7,000 साधन सहकारी समितियों के जरिए किसानों तक उर्वरक पहुंचाया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रतिदिन रिकॉर्ड स्तर पर उर्वरकों की बिक्री हुई है और कई दिनों में प्रतिदिन 50 हजार से 65 हजार मीट्रिक टन तक यूरिया का वितरण किया गया।

श्री शाही ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, कृषि यंत्रीकरण, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण तथा सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

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