पटना , अक्टूबर 29 -- बिहार में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यव्यापी जांच अभियान तेज कर दिया है। आम लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए बाजार में उपलब्ध तमाम खाद्य पदार्थों पर राज्य सरकार के स्तर से खासतौर से चौकसी बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष निर्देश पर खाद्य सुरक्षा इकाई के स्तर से इस वर्ष 27 अगस्त से खाद्यापदार्थों से जुड़े तमाम तरह के प्रतिष्ठानों की जांच का सिलसिला निरंतर जारी है। अब तक राज्यभर में 87 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, खाद्य निर्माण इकाई, पैकेज पेयजल, होम डिलेवरी से जुड़ी कंपनियों के वेयरहाउस समेत ऐसे अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच के दौरान सबसे ज्यादा गड़बड़ी पाए जाने वाले 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं,जबकि शेष को अंतिम चेतावनी के तौर पर सुधार करने का नोटिस दिया गया है। संबंधित प्रावधानों के तहत तीन माह तक कारावास एवं 3 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

राज्यभर में जितने प्रतिष्ठानों पर जो कार्रवाई की गई है, उसमें सर्वाधिक 87 निरीक्षण पटना के प्रतिष्ठानों में किए गए हैं। पटना में खाद्य संरक्षा विभाग की टीम अब तक अधिकांश होटलों, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, डेयरी, फास्ट फूड सेंटर, पैकेज्ड पेयजल इकाइयों और ऑनलाइन खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले स्टोर का निरीक्षण कर चुकी है। इस दौरान खराब एवं दुर्गंधयुक्त पनीर, मिठाई, दूध, एक्सपायरी खाद्य सामग्री और अन्य असुरक्षित उत्पाद जब्त कर नष्ट कराए गए हैं।

पटना के आसपास के इलाकों में व्यापक स्तर पर जांच की गई है। संपतचक, गौरीचक और आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित पैकेज्ड पेयजल इकाइयों की जांच की गई। इस दौरान महादेव इंटरप्राइजेज, त्रिवेणी नीर और अन्य प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में पैकेज्ड पेयजल जब्त किए गए हैं। कई इकाइयों में बिना लाइसेंस पानी की पैकेजिंग तथा विभिन्न ब्रांडों के लेबल के इस्तेमाल से संबंधित अनियमितताएं पाई गईं।विभाग ने संबंधित इकाइयों में उत्पादन एवं संचालन बंद कराने के साथ खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला भेजे।

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