खरगोन , मई 19 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय पर इन दिनों बेटियों को बदलते सामाजिक माहौल और साइबर अपराधों से सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आयोजित विशेष 'शक्ति शिविर' चर्चा का विषय बना हुआ है। एक संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में करीब 350 बेटियां जूडो-कराटे, लाठी, तलवारबाजी, तीरंदाजी और आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सीख रही हैं।

शिविर में शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ बेटियों को मानसिक और बौद्धिक रूप से भी मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन जालसाजी और संदिग्ध गतिविधियों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी सहायता संबंधी जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में वे तुरंत मदद ले सकें।

पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा भी शिविर स्थल पहुंचे और प्रशिक्षण ले रही बेटियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद जरूरी हो गया है। जागरूकता और आत्मविश्वास ही बेटियों की सबसे बड़ी ताकत है, जिससे वे किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर सुरक्षा और हेल्पलाइन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।

शिविर में शामिल छात्राओं ने बताया कि यहां उन्हें केवल आत्मरक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन में सतर्क और आत्मविश्वासी बने रहने की सीख भी मिल रही है। याशिका दशोरे ने कहा कि शिविर में दिया जा रहा प्रशिक्षण व्यवहारिक जीवन में काफी उपयोगी है। वहीं कोमल रघुवंशी ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े, यही इस शिविर का सबसे बड़ा उद्देश्य है।

प्रशिक्षण ले रही शिक्षिका सिद्धि मीणा ने बताया कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे अन्य बेटियों को भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देंगी। संस्था के प्रमुख राजू शर्मा ने कहा कि समाज में बढ़ते अपराधों को देखते हुए बेटियों का शारीरिक रूप से सक्षम और मानसिक रूप से जागरूक होना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस विशेष शिविर का आयोजन किया गया है, जो बेटियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना विकसित कर रहा है।

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