नयी दिल्ली , अगस्त 29 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी में हुए कार्यक्रम के बाद मंच का 'शुद्धिकरण' करना छुआछूत को बढ़ावा देने वाला गंभीर अपराध है इसलिए दोषियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।

श्री गांधी ने शनिवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय इन्दिरा भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान ने छुआछूत अपराध घोषित है और किसी दलित व्यक्ति के किसी स्थान पर जाने के बाद उसका 'शुद्धिकरण' करना इसी मानसिकता को दर्शाता है। यह केवल श्री खरगे का नहीं, बल्कि देश के हर दलित व्यक्ति का अपमान है।

उन्होंने कहा कि आठ अगस्त को हल्द्वानी में श्री खरगे की सभा हुई थी और इसके बाद उनके भाषण वाले मंच का 'शुद्धिकरण' किया गया। इस घटना को करीब 20 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है।

श्री गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि वह उत्तराखंड सरकार को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दें। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री दलितों के सम्मान की बात करते हैं, इसलिए उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्री खरगे को न्याय मिले।

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है। एक संविधान की विचारधारा है और दूसरी भाजपा-आरएसएस की विचारधारा है। संविधान लागू होने के बाद भी देश में दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं जारी हैं। देश के कई स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराया जाता है और झाड़ू लगवाई जाती है, उन्हें कुओं से पानी लेने से रोका जाता है, चाय की दुकानों पर उनके लिए अलग कप रखे जाते हैं। शादी-विवाह के अवसर पर घोड़ी पर बैठकर बारात निकालने वाले दलितों पर भी हमले होते है और धमकियां दी जाती हैं।

श्री गांधी ने कहा कि कोई दलित व्यक्ति जितना सफल होता है, उस पर उतने ही जोरदार तरीके से हमला किया जाता है। उन्होंने कहा कि कारोबार, क्रिकेट या किसी अन्य क्षेत्र में सफल होने वाले दलित व्यक्ति को भी इस मानसिकता का सामना करना पड़ता है और दलित नेताओं के साथ भी ऐसा व्यवहार किया जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने राजस्थान कांग्रेस विधायक दल के नेता टीकाराम जूली और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ हुई शुद्धिकरण' की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मानसिकता केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है।

कांग्रेस नेता ने संसद में श्री खरगे के इस मामले को उठाने का उल्लेख किया और कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने कहा था कि यदि ऐसी घटना हुई है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने 'शुद्धिकरण' की घटना को उचित ठहराया है।

श्री गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह हर जाति का सम्मान करते हैं लेकिन यदि उनके दल के नेता इस तरह की घटना को सही ठहराते हैं तो उनकी कथनी और करनी में अंतर साफ दिखाई देता है। कांग्रेस की लड़ाई इसी भेदभाव और असमानता की विचारधारा के खिलाफ है।

श्री गांधी ने कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के हर दलित व्यक्ति के सम्मान, समानता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मामला है। सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो कांग्रेस दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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