सोनीपत , मई 02 -- हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बिना किसी वैध डिग्री, रजिस्ट्रेशन और अनुमति के एक तथाकथित मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल लंबे समय से संचालित किया जा रहा था।
हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में अप्रशिक्षित कर्मियों के भरोसे मरीजों का इलाज किया जा रहा था। मौके पर दवाइयां, लैब और भर्ती मरीज भी मिले। शिकायत के आधार पर सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पूरे मामले का खुलासा किया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
संयुक्त टीम ने खरखौदा के बाल्मीकि मंदिर, दिल्ली चौक के पास स्थित पीसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर कार्रवाई की। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आयीं, जिससे स्पष्ट हुआ कि अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि इस अस्पताल का संचालन गांव पाई निवासी अनिल कर रहा था, जिसने केवल 12वीं के बाद जीएनएम (नर्सिंग) का कोर्स किया हुआ है। उसके पास अस्पताल चलाने के लिए न तो कोई वैध डिग्री थी, न रजिस्ट्रेशन और न ही जरूरी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध थे।
छापेमारी के दौरान एक महिला मरीज को सांस की बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती पाया गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि वहां कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था और मरीजों का इलाज अप्रशिक्षित कर्मियों द्वारा किया जा रहा था।
टीम को मौके पर पांच अन्य कर्मचारी भी मिले, जिनके पास किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री या प्रशिक्षण नहीं था। इसके अलावा अस्पताल में एक लैब भी संचालित की जा रही थी, जहां विभिन्न प्रकार के टेस्ट किये जा रहे थे। जांच में पता चला कि लैब का संचालन दीपक नामक व्यक्ति कर रहा था, जो राठधाना निवासी सुनील के लाइसेंस का इस्तेमाल कर रहा था।
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