गिरिडीह , अगस्त 14 -- झारखण्ड के गिरिडीह में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास कराने के मामले को लेकर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा आंदोलित है।

झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने शुक्रवार को उत्सव उपवन गिरिडीह में कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैर को काटने का काम किया है। यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है, उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगा।

मंत्री ने झामुमो पदाधिकारियों को केन्द्र सरकार द्वारा खनिज संशोधन विधेयक दोनों सदनों में पारित करने के खिलाफ आयोजित जिला स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बिल के कारण झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, सर्वजन पेंशन योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएगी। इसको लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा पहले चरण में गाँव, पंचायत, प्रखंड से लेकर जिला तक घर घर में जन-जागरण अभियान चलाएगा। केन्द्र सरकार ने खनिज संशोधन विधेयक-2026 को वापस नहीं लिया तो आर्थिक नाकेबंदी भी किया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि आगामी 16 से 18 अगस्त तक प्रखंड स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के लिए इस काला कानून के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि खनिज संशोधन विधेयक झारखंड के हर नागरिक को पढ़ना चाहिए। इस काला कानून से झारखंड का विकास थम जाएगा। बैठक में आन्दोलन की रणनीति बनाई गई। बहुत जल्द चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की जाएगी। बैठक में जिला सचिव महालाल सोरेन, महापौर प्रमिला मेहरा, उप महापौर सुमित कुमार, जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पु आदि शामिल थे।

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