नयी दिल्ली , फरवरी 12 -- खान मंत्रालय खनिज अन्वेषण के लिए लाइसेंस नीलामी का दूसरा चरण 12 फरवरी से शुरू करेगा।

मंत्रालय ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यहां सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में अन्वेषण के लिए लाइसेंस (ईएल) ब्लॉकों की नीलामी के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ होगा। यह खनिज अन्वेषण को सुदृढ़ बनाने और दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में देश के निरंतर सुधारों का एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से, यह प्रयास महत्वपूर्ण व गहराई में स्थित खनिज संसाधनों के व्यवस्थित और वैज्ञानिक दोहन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

इस मौके पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद रहेंगे।

इस अवसर पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के अगली पीढ़ी के डिजिटल पोर्टल का भी अनावरण किया जायेगा। यह अत्याधुनिक पोर्टल डेटा अधिग्रहण, विश्लेषण, विजुअलाइजेशन और प्रसार की प्रक्रियाओं को एकीकृत कर एक समेकित क्लाउड-आधारित मंच प्रदान करता है। यह खनिज अन्वेषण पारिस्थितिकी तंत्र में पारदर्शिता, दक्षता और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत हितधारकों के लिए अन्वेषण लाइसेंस ढांचे, नीलामी पद्धति और अन्वेषकों हेतु उपलब्ध प्रोत्साहनों पर एक विस्तृत रोडशो आयोजित किया जायेगा। इस कार्यक्रम में एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से ई-नीलामी प्रक्रिया, नीलामी नियमों और राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) योजना पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी जायेंगी।

अन्वेषण लाइसेंस की नीलामी के पहले चरण में दुर्लभ अर्थ मेटल, जस्ता, हीरा, तांबा और प्लैटिनम समूह तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिजों सहित कुल 13 अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉकों को शामिल किया गया था।

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