नागपुर , सितंबर 11 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि मिनरल सिक्योरिटी (खनिज सुरक्षा) अब आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा का एक ज़रूरी हिस्सा बन गयी है और खनन क्षेत्र भारत के विकसित देश बनने के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभायेगा।

श्री फडणवीस ने यहां खनन इंजीनियर्स के 36वें सम्मेलन और एक राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के बाद किये गये सुधारों ने खनन क्षेत्र को कागज़ी कामकाज पर निर्भर उद्योग से बदलकर असल उत्पादन और विकास पर केंद्रित उद्योग बना दिया है। सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर में ज़रूरी खनिजों और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की अहम भूमिका होगी। भारत का खनन उद्योग अगले दो दशकों में अर्थव्यवस्था में लगभग आधा ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है और तीन करोड़ से ज़्यादा नौकरियां पैदा कर सकता है। उन्होंने खनन को सुरक्षित, ज़्यादा कुशल और टिकाऊ बनाने के लिए एआई और डिजिटल ट्विन्स जैसी नवीनतम तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर ज़ोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदर्भ एक बड़े खनन और औद्योगिक हब के तौर पर उभर रहा है और गढ़चिरौली लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ इस्पात बनाने का केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के शुरुआती आठ कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स में से चार इसी इलाके में शुरू किये गये हैं।

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