सहारनपुर , मई 17 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पश्चिम प्रांत के क्षेत्रीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति शीघ्र होने वाली है। कोर ग्रुप ने चार नामों का पैनल बनाकर हाईकमान के पास भेज दिया है।

विश्वनीय सूत्रों ने आज यह जानकारी दी है। अभी इस पद पर नोएडा के सतेंद्र सिसौदिया है। वह पूर्व में भूपेंद्र चौधरी के साथ महामंत्री भी रहे थे। वर्तमान में महामंत्री हापुड के विकास अग्रवाल है। जिन चार नामों पर सहमति बनी है उनमें दादरी (नोएडा) से 1996 एवं 2002 में विधायक और बाद में राज्य मंत्री रहे नवाब सिंह नागर गुर्जर, अशोक नागर (गाजियाबाद) अंकुर राणा और विकास अग्रवाल के नाम शामिल बताए जा रहे है।

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की पसंद जयप्रकाश तोमर है। जयप्रकाश तोमर बागपत के निवासी है। वह खादी ग्रामोद्योग के निदेशक रह चुके है। संभल के पूर्व सांसद एवं वर्तमान एमएलसी मुरादाबाद के सत्यपाल सैनी एवं कैराना (सहारनपुर) के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी आदि के नामों पर विचार मंथन किया गया। 2027 के विधान सभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष के चयन में बहुत सतर्कता बरती जा रही है।

लोकसभा चुनाव 2024 में गुर्जरों और राजपूतों में मनमुटाव के चलते भाजपा सहारनपुर मंडल की तीनों सीटें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और कैराना हार गई थी। राजपूतों की प्रदेश व्यापी नाराजगी का असर ही था कि भाजपा 34 सीटों पर सिमट गई थी। जयंत चौधरी के समर्थन के बावजूद केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान सपा के हरेंद्र मलिक से पराजित हो गए थे। रालोद के प्रभाव वाली कैराना सीट पर भाजपा के प्रदीप चौधरी गुर्जर सपा की नई उम्मीदवार इकरा हसन से हार गए थे। सहारनपुर सीट पर भी राजपूतों की नाराजगी राघव लखन पाल शर्मा पर भारी पड़ी थी। यदि क्षेत्रीय अध्यक्ष जाट बिरादरी से बनाया जाता है तो भाजपा राजपूत-गुर्जर फैक्टर का सामना कर सकती है। रालोद नेता जयंत चौधरी मौजूदा सियासी हालात को अपने अनुकूल मानकर पार्टी को खड़ा करने पर फोकस किए हुए है।

मौजूदा क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल पूर्व में हापुड के जिलाध्यक्ष और संघ चालक रह चुके हैं। अंकुर राणा प्रदेश भाजपा महामंत्री संगठन धर्मपाल सैनी के साथ एबीवीपी में काम कर चुके है। अकुंर राणा धर्मपाल की पंसद बताए जा रहे है। अशोक नागर को हाल ही मंत्री बनाए गए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का आर्शीवाद प्राप्त है। अंकुर राणा उत्तराखंड के मूल निवासी और जाट बिरादरी के है।

सियासी जानकारों का कहना है कि दिल्ली को पश्चिम का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए ज्यादा गंभीरता से काम लेने की जरूरत है। पैनल में शामिल चार नामों के अलावा भी कोई नया नाम सामने आ सकता है। यह देखना बेहद रोचक होगा। बहराल चयन मुश्किल और जोखिम भरा साबित हो सकता है। राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल की राय सबसे महत्वपूर्ण होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद सुनील बंसल ही है जो यूपी के मिजाज और यहां की नस-नस से वाकिफ है।

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