पटना, अक्टूबर 13 -- बिहार के सहरसा जिले में मॉडल स्कूलों में डॉक्टर-इंजीनियर बनने के साथ कंटेंट क्रिएशन भी सिखाया जा रहा है। सरस्वती विद्यालय निकेतन के मेधावी छात्र जेईई-मेडिकल के साथ इंफ्लुएंसर बनने की बारिकियों से अवगत हो रहे है।
सहरसा स्थित मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र ब्लॉगिंग के जरिये अपने विद्यालय का प्रमोशन कर रहा है। अपने वीडियो कंटेंट के जरिये छात्रों ने मॉडल स्कूलों में मैथ्स, कंप्यूटर लैब, बॉयोलॉजी लैब से बच्चों को गुणवत्तापूर्वक ज्ञान प्राप्त करते हुए दर्शाया। साथ ही बच्चों ने टीमवर्क करके विद्यालय के शिक्षकों को उनके पाठ्यक्रम की शैली की जानकारी भी दर्शकों को संक्षिप्त करके समझाया। वीडियो के माध्यम से अपने सहपाठियों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि पीसीएम लैब से बच्चों को गहराई से शिक्षा दी जा रही है। साथ ही कला-संस्कृति में रूचि रखने वाले छात्रों के लिए अनुभवी शिक्षकों के द्वारा संगीत में निपुण किया जा रहा है।
सहरसा के जिला मॉडल स्कूल व पतरघाट स्थित रमा देवी हाई स्कूल में पढ़ने वाले बिंदेश कुमार, खुशी कुमारी, जाह्रनवी कुमारी ने वीडियो ब्लॉगिंग के माध्यम से सूचना के साथ-साथ मनोरंजन के दृष्टिकोण से विजुएल तैयार किया है। वीडियो की खास बात यह है कि विद्यासाथी ऐप के जरिये पढ़ रहे बच्चों का भी टेस्टिमॉनियल प्रस्तुत की गयी।
वरीय उप समाहर्ता सिमरन कुमारी ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा सात निश्चय-3 उन्नत विकास- उन्नत शिक्षा के तहत हर अफसर को एक विद्यालय गोद लेने का निर्देश दिया गया है, जिससे सरकार द्वारा ग्रामीण बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए दी जा रही सुविधा का निरंतर निरीक्षण व अनुश्रवण हो सके। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का उद्देश्य गांव-गांव में गुणवत्तापूर्वक शिक्षा दी जाय। ताकि वे अपनी प्रतिभा देश ही दुनिया के सामने दिखा सकें। इसके लिए हर सप्ताह युनिट टेस्ट एवं अभिभावकों के साथ संवाद का आयोजन किया जा रहा है।
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