भोपाल , अगस्त 20 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉरमेंस (क्रिस्प) के हेंडीक्राफ्ट विभाग द्वारा 'क्राफ्ट टू कॉमर्स' तीन दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम के तहत फैब्रिक ज्वेलरी एवं बैंगल मेकिंग की व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का संचालन आर्टस्पेस सोशल की संस्थापक एवं क्रिएटिव एंटरप्रेन्योर महिमा राय ने किया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ इन कौशलों को स्वरोजगार और आय के अवसरों से जोड़ना रहा।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने फैब्रिक, धागे, कुंदन, मोती एवं अन्य सजावटी सामग्रियों से ज्वेलरी, बैंगल और ईयररिंग्स तैयार करना सीखा। इसके साथ उत्पादों की फिनिशिंग, डिजाइन और कस्टमाइजेशन का भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने राखी मेकिंग और थ्रेड एम्ब्रॉयडरी लिफाफे तैयार करने का प्रशिक्षण भी लिया।

कार्यशाला के अंतिम दिन क्रिस्प परिसर में इन-हाउस एग्जीबिशन-कम-सेल का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा तैयार राखियां, ईयररिंग्स, बैंगल्स और थ्रेड एम्ब्रॉयडरी लिफाफे प्रदर्शित किए गए। कर्मचारियों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना की और कई कर्मचारियों ने उत्पादों की खरीदारी भी की।

हेंडीक्राफ्ट विभाग की एचओडी इरम परवीन ने कहा कि क्रिस्प में प्रशिक्षण को केवल कौशल सिखाने तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि प्रतिभागियों को अपने हुनर को वास्तविक बाजार से जोड़ने के अवसर भी दिए जा रहे हैं। 'क्राफ्ट टू कॉमर्स' जैसे कार्यक्रमों से प्रतिभागियों को उत्पाद तैयार करने से लेकर उसकी प्रस्तुति और बिक्री तक का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों का उद्देश्य प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें कौशल के आधार पर स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों ने 'कौशल से उत्पाद और उत्पाद से बाजार' तक की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझा।

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