भोपाल , जून 15 -- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार परिवर्तन उन्नत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (पीएम सेतु) कार्यक्रम के पायलट प्रकल्प की शुरुआत सोमवार को सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉरमेंस (क्रिस्प) भोपाल में हुई। कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 40 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) प्रशिक्षकों को दो चरणों में उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक अभय अरुण महिषी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्रिस्प के निदेशक अमोल वैद्य, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख विजय सक्सेना, वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. सुधीर जैन तथा अन्य अधिकारी एवं संकाय सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के तहत पहले चरण में 15 से 19 जून तक उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 23 प्रशिक्षकों को यांत्रिक-विद्युत समेकित प्रणाली विषय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरे चरण में 22 से 26 जून तक अन्य प्रशिक्षकों को औद्योगिक स्वचालन विषय का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशिक्षकों को नवीनतम औद्योगिक तकनीकों और उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना है।
क्रिस्प के निदेशक अमोल वैद्य ने संस्थान की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षकों का नियमित कौशल उन्नयन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि क्रिस्प देशभर में उद्योगों, शासकीय विभागों और प्रशिक्षण संस्थानों के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
अभय अरुण महिषी ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक तेजी से बदल रही है और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में लगातार संशोधन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोबोटिकी, औद्योगिक स्वचालन, यांत्रिक-विद्युत समेकित प्रणाली और वस्तुओं के अंतरजाल जैसे क्षेत्रों का महत्व लगातार बढ़ रहा है, इसलिए प्रशिक्षकों के लिए स्वयं को निरंतर अद्यतन रखना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि पीएम सेतु योजना के तहत देश के एक हजार शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, उद्योग सहभागिता और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही नए उद्योग आधारित पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे और वर्तमान पाठ्यक्रमों को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप पुनर्गठित किया जाएगा।
श्री महिषी ने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रशिक्षकों की क्षमता वृद्धि पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी कड़ी में क्रिस्प को देश के पहले राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए चुना गया है, जो संस्थान की विशेषज्ञता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को यांत्रिक-विद्युत समेकित प्रणाली, औद्योगिक स्वचालन, औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों तथा आधुनिक औद्योगिक तकनीकों से संबंधित सैद्धांतिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल प्रशिक्षकों की क्षमता वृद्धि और देश में कौशल विकास को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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