हरिद्वार , अप्रैल 09 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र से लापता हुआ 14 वर्षीय बालक 15 दिन बाद राष्ट्रीय राजधानी से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस घटना ने जहां परिजनों की चिंता बढ़ा दी थी, वहीं मामले का खुलासा होने पर सभी हैरान रह गए। बालक किसी डर या दबाव में नहीं, बल्कि क्रिकेट खेलने के अपने जुनून को पूरा करने के लिए घर से निकला था।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) देहात शेखर चंद्र सुयाल ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि 26 मार्च को बालक के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी थी। "ऑपरेशन स्माइल" के तहत चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अमृतसर तक सघन तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर जांच की, साथ ही शेल्टर होम और सोशल मीडिया के माध्यम से भी जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को उस समय सफलता मिली, जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में बालक ने बताया कि वह क्रिकेटर बनने का सपना लेकर घर से निकला था और इस दौरान दिल्ली, मथुरा, वृंदावन, अमृतसर और राजस्थान सहित कई स्थानों पर घूमता रहा। गनीमत रही कि इतने लंबे सफर के बावजूद उसके साथ कोई अनहोनी नहीं हुई।
पुलिस ने बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बेटे के सकुशल मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
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