हैदराबाद , सितंबर 12 -- तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने शनिवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ओर से विधानसभा में मुख्य शहरी क्षेत्र (एकीकृत शासन) विधेयक, 2026 पेश किया। उन्होंने इसे एक बड़ा विधायी सुधार करार दिया जिसका उद्देश्य हैदराबाद को अगले 20 से 30 वर्षों के लिए तैयार करना है।

श्री बाबू ने कहा कि आउटर रिंग रोड के अंदर लगभग 2,053 वर्ग किलोमीटर में फैले क्योर इलाके के लिए एक समन्वित प्रशासनिक संरचना तैयार किया जाएगा ताकि तीव्रता से हो रहे शहर के विस्तार और अवसंरचना की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। नए कानून में हैदराबाद, साइबराबाद और मलकजगिरी निगमों के लिए एक एकीकृत संरचना बनाने का प्रस्ताव है, जिसमें मुख्य शहरी क्षेत्र का संचालन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली एक शीर्ष परिषद करेगी।

उन्होंने कहा कि 1955 का मौजूदा निगम कानून में 687 खंड हैं जो लगभग 1.3 करोड़ लोगों वाले महानगर के लिए पुराना हो चुका है। प्रस्तावित अधिनियम में पांच हिस्से, 43 अध्याय, 319 खंड और नौ अनुसूची हैं, जो पुराने प्रावधानों की जगह एक आधुनिक कानूनी संरचना हैं।

यह विधेयक ऑनलाइन एप्लीकेशन, डिजिटल मंज़ूरी, ई-सिग्नेचर, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑनलाइन भुगतान के साथ-साथ नागरिकों के लिए एक एकीकृत डिजिटल संवा प्लेटफ़ॉर्म को कानूनी मान्यता देता है। साथ ही, यह रियल-टाइम शहरी प्रशासन के लिए एआई, सेंसर और आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी संभव बनाता है।

उन्होंने कहा कि यह कानून एचवाईडीआरएए को कानूनी दर्जा देता है, झीलों, नालों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को मजबूत करता है और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान करता है। यह बाढ़ की रोकथाम, जल सुरक्षा, हरियाली, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण पर भी ध्यान केंद्रित करता है।

इस विधेयक में सालाना बजट का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा हरियाली के लिए आवंटित करने और लगाए गए पौधों में से कम से कम 85 प्रतिशत के जीवित रहना सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है। इसमें गंदे पानी के दोबारा इस्तेमाल, सतत परिवहन, ईवी चार्जिंग अवसंरचना, साइकिल लेन और पैदल चलने वालों के लिए सुविधाओं से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।

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