चंडीगढ़ , जून 23 -- जापान के ऐतिहासिक शहर क्योटो में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य समापन हुआ। आयोजन में भगवद्गीता के शाश्वत संदेशों के माध्यम से वैश्विक शांति, भाईचारे और निष्काम कर्म के सिद्धांतों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
महोत्सव के दौरान टोक्यो विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सेमिनार आयोजित किया गया, जबकि एदोगावा में गीता सद्भावना यात्रा निकाली गयी, जिसमें भारतीय और जापानी समुदाय के हजारों लोगों ने भाग लिया। ओसाका प्रांत विधानसभा में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने विधायकों को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की और भारत-जापान के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने इगाशी ओसाका के मेयर जुनजो नागाओ से भी मुलाकात की। बैठक में क्योटो और कुरुक्षेत्र के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
क्योटो के जियान कॉर्नर सांस्कृतिक परिसर में जापानी भाषा में पारंपरिक काबुकी शैली में भगवद्गीता का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रसिद्ध ओटानी ग्रुप के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से भारत और जापान के सांस्कृतिक संबंधों को जीवंत रूप दिया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को वीडियो संदेश के माध्यम से आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारत और जापान के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करते हैं। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता पूरी मानवता के लिए शांतिपूर्ण और सार्थक जीवन जीने की मार्गदर्शिका है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने गीता के निष्काम कर्म और नैतिक मूल्यों की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। प्रतिनिधिमंडल ने ओटानी यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से गीता पर शोध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित