जयपुर , अक्टूबर 20 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल करते हुए कहा है कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में अब किसी युवती-महिला को केवल इसलिए न्याय नहीं मिलेगा कि वह कांग्रेस पार्टी या उसके छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़ी है।

श्री गहलोत ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में एनएसयूआई नेता रितु बराला के साथ नई दिल्ली में कथित मारपीट के मामले की जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस आयुक्तालय पर कांग्रेस के लोगों का जारी धरना- प्रदर्शन के बीच अपने बयान में यह सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या राजस्थान की भाजपा सरकार पूरी तरह से अक्षम हो चुकी है। जयपुर पुलिस को रितु बराला की केवल एक जीरो एफआईआर दर्ज करके मामला आगे दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर करना है। आगे की पूरी जांच और कार्रवाई दिल्ली पुलिस को ही करनी है। इसके बावजूद राजस्थान की एक बेटी को न्याय के लिए थानों में क्यों जलील किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि क्या भाजपा शासित राज्यों में अब किसी बेटी को केवल इसलिए न्याय नहीं मिलेगा कि वह कांग्रेस या उसके छात्र संगठन से जुड़ी है। क्या अब इस देश में दो कानून चलेंगे, एक सत्ता पक्ष के लिए और दूसरा विपक्ष के लिए।

श्री गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान पुलिस और सरकार नए कानून बीएनएसएस की यह व्यवस्था सुन लें, जिसका वे सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। बीएनएसस की धारा 173(1) अपराध देश के किसी भी कोने में हुआ हो, पुलिस को 'जीरो एफआईआर' हर हाल में दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रीजी पुलिस को राजनीतिक मोहरा बनाना बंद करें। रितु बराला के मामले में तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज कर राजधर्म और कानूनी धर्म निभाया जाना चाहिए।

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