देहरादून , अक्तूबर 16 -- उत्तराखंड के के पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर शुक्रवार को विभागीय योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। जिसे ध्यान में रखते हुए मरम्मत की आवश्यकता वाले पंचायत भवनों सहित नये पंचायत भवनों के लिए तत्काल ही उपलब्ध धनराशि का आवंटन करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।
श्री कौशिक ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत उपनल के माध्यम से प्रदेश के ब्लॉकों में तैनात कनिष्ठ अभियन्ताओं की सेवायें बनाये रखने के लिए आगामी छठवें राज्य वित्त आयोग के अनुदान में कंटीजेंसी की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव कैबिनेट में लाये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। क्योंकि 15वें वित्त आयोग में कंटीजेंसी बन्द हो गयी है। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज एक्ट 2016 को बने हुए 10 वर्ष हो गये हैं। इस एक्ट के अन्तर्गत जो विभिन्न नियमावलियां बनायी जानी थी वह अभी तक नहीं बनायी गयी हैं। इन नियमावलियों के बनाये जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।
पंचायतराज मंत्री ने कहा कि न्यायालयों से सम्बन्धित मामलों के निपटारे के सम्बन्ध में कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग के प्रशासनिक ढांचें का भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये है।
इस समीक्षा बैठक में पंचायतीराज सचिव नितेश कुमार झा, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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