कौशांबी , जनवरी 13 -- उत्तर प्रदेश में कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र में रविसुता यमुना नदी के तट पर मकर संक्रांति के अवसर पभोषा गांव में आयोजित होने वाले दो दिवसीय सूर्य मेला की तैयारी प्रशासन ने पूरी कर ली है। सूर्य मेला 14, 15 जनवरी को लग रहा है। मेले में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यह मेला अनादिकाल विंध्य पर्वत श्रृंखला से अलग हुए प्रभाष गिरि पर्वत के पास एक किलोमीटर की परिधि में यमुना के तट पर प्रतिवर्ष मकर संक्रांति यानी खिचड़ी पर्व पर लगता है।

मेले में कौशांबी के अलावा प्रयागराज चित्रकूट बांदा हमीरपुर फतेहपुर प्रतापगढ़ मिर्जापुर सहित अनेक जिले सूर्य उपासक श्रद्धालु यहां आकर यमुना नदी में स्नान करते हैं। तदोपरांत सूर्य अर्घ्य देकर धूपदीप से यमुना की पूजा करते हैं। गरीबों को खिचड़ी व काला तिलका दान करते हैं।

मान्यता है कि मकर संक्रांति के अवसर पर यमुना नदी में स्नान दान करने पर सुख-शांति की प्राप्त होती है। श्रद्धालुओं यहां आकर प्रभास गिरी पर्वत का दर्शन करते है। प्रभास गिरि के दर्शन से मनोवांछित फल प्राप्त होता है। प्रभास गिरी पर्वत के ऊपरी चोटी पर विराजमान जैन धर्म के छठे तीर्थंकर भगवान पदम प्रभु का दर्शन करना श्रद्धालु नहीं भूलते हैं ।

बुजुर्ग ग्रामीण बताते हैं कि प्राचीन काल में जब शस्त्र के रूप में बांस की लाठी का उपयोग होता था तो यहां सूर्य मेला से लोग लाठी जरूर ले जाते थे। यहां की लाठियां बहुत फलित होती थी। वर्तमान समय में लोग इस मेले से लाठी खरीद कर ले जाते हैं। दूरस्थ भागों से लाठी बेचने वाले व्यापारी इस मेले में आते हैं। 500 से लेकर 3000 रुपये तक की लाठी लोग खरीद कर ले जाते है। प्रभास गिरी के दक्षिणी भाग में द्वापर कालीन बहुला गायका प्राचीन मंदिर है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां श्रद्धालु आकर मंदिर में माथा टेकते हैं। मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए मन्नते मानते हैं।

दो दिवसीय मेला सकुशल संपन्न करानेके लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। यमुना के किनारे जल पुलिस की व्यवस्था के साथ गोताखोर की तैनाती की गई है। क्षेत्राधिकारी जागेश्वर प्रसाद पांडे ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से मेला की तैयारी पूरी कर ली गई है।

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