रामनगर,10फरवरी(वार्ता) मध्य एशिया से लंबी यात्रा कर भारत आने वाले रूडी शेल्डक, जिन्हें स्थानीय भाषा में सुर्खाब कहा जाता है, इन दिनों कोसी नदी और कोसी बैराज क्षेत्र में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। खासकर कोसी बैराज और कोसी कैफे के आसपास शाम होते ही नज़ारा देखते ही बनता है, जब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पक्षी प्रेमी इन प्रवासी पक्षियों की एक झलक पाने के लिए एकत्रित हो जाते हैं।

दरअसल, इसका मुख्य कारण है सुर्खाब पक्षियों की सामूहिक संध्या उड़ान। जैसे ही सूरज ढलने लगता है, ये सुर्खाब पक्षी कोसी बैराज क्षेत्र से एक साथ उड़ान भरते हैं और रात्रि विश्राम के लिए अन्य सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाते हैं। सैकड़ों की संख्या में एक साथ उड़ते इन पक्षियों का दृश्य बेहद मनमोहक होता है। उनके पंखों की फड़फड़ाहट और सामूहिक आवाज़ पूरे वातावरण को जीवंत कर देती है।

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