मधुबनी , जनवरी 27 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि कभी बिहार के लिए अभिशाप मानी जाने वाली कोसी नदी आज राज्य के लिए वरदान साबित हो रही है।
श्री चौधरी ने आज मुख्ममंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान मधुबनी जिले के अररिया संग्राम स्थित दुर्गा मंदिर के पास आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमत्री श्री कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार ने नदियों का बेहतरीन प्रबंधन कर इसे जीवनदायिनी बना दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007-08 में नेपाल से एक लाख 92 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया समेत कोसी क्षेत्र के ज्यादातर जिलों में भीषण बाढ़ आई थी। तब हालात भयावह थे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने योजनाबद्ध रणनीति के तहत कोशी को नियंत्रित करने और उसे विकास के साधन के रूप में उपयोग करने का काम किया। आज इससे लगभग चार लाख एकड़ भूमि सिंचित हो रही है। कोशी-मेची लिंक परियोजना शुरू की गई है, बांधों को ऊंचा किया जा रहा है और उनकी नियमित मरम्मत की जा रही है।
श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2024 में नेपाल से छह लाख 48 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन इसका असर केवल डेढ़ सौ गांवों तक सीमित रहा। यह बदलाव सुशासन और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कोसी कभी किताबों में अभिशाप के रूप में उल्लेखित थी। अब दिल्ली में सांसदों के लिए बने आवासीय परिसर में एक भवन का नाम कोशी रखा गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार यात्रा के लिए जाने जाते हैं। वो प्रगति यात्रा,न्याय यात्रा से लेकर समृद्धि यात्रा के माध्यम से जनता के बीच जाकर विकास कार्यों की समीक्षा कर विकसित बिहार की नींव मजबूत की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले गांवों में पांच घंटे भी बिजली नहीं मिलती थी। आज 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। राज्य के लगभग एक करोड़ 90 लाख परिवारों में से 1 करोड़ 70 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य आ रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी की मजबूत बुनियाद खड़ी करने के बाद अब सरकार का फोकस रोजगार और उद्योग पर है। बिहार में औद्योगिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर नीति, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर और आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो रहा है जिससे युवाओं को बिहार में ही रोजगार मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार अगले पांच वर्षों में बिहार में उद्योगों का जाल बिछाकर बिहार के लोगों को बिहार में ही रोजगार देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि जीविका से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। एक करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये दिए गए हैं और उन्हें आगे रोजगार के लिए दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
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