कोल्हापुर , अगस्त 21 -- स्वाभिमानी शेतकरी संगठन (एसएसएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने बाजार में चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी पर चिंता जतायी है और इसके पीछे '20,000 से 22,000 करोड़ रुपये के घोटाले' का आरोप लगाया है।
श्री शेट्टी ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद होने के बावजूद कीमतों में आया यह अचानक उछाल स्वाभाविक नहीं लगता है। उन्होंने दावा किया कि चीनी मिलें पहले ही व्यापारियों को चीनी बेच चुकी हैं और अब चीनी की किल्लत की अफवाह फैलायी जा रही है। व्यापारियों ने कम दामों में चीनी खरीदकर उसे मिलों के गोदामों में ही जमा कर रखा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस बात का अंदेशा है कि जिस चीनी का रिकॉर्ड में कोई हिसाब-किताब नहीं है, उसे अब महंगे दामों पर बाजार में लाकर 20 से 22 हजार करोड़ रुपये का काला कारोबार किया जा रहा है।
चीनी मिलों के गोदामों पर तुरंत छापेमारी की मांग करते हुए श्री शेट्टी ने कहा कि आज जो हालात बने हैं, उनसे साफ है कि "आम उपभोक्ता और गन्ना किसान, दोनों को ही लूटा जा रहा है। इस वर्ष की फसल को देखें तो साफ है कि देश में अगले सीजन तक के लिए पर्याप्त चीनी का उत्पादन होगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भी देश में दिवाली तक के लिए भरपूर चीनी बची हुई है। इसके बावजूद बाजार में चीनी के दामों में आया यह अचानक उछाल बेहद संदिग्ध लगता है।उन्होंने कहा, "गौर करने वाली बात यह है कि अगर सरकार चीनी का आयात करने का फैसला भी ले ले, तो तकनीकी तौर पर अक्टूबर से पहले विदेश से भारत चीनी आना मुमकिन नहीं है।"उन्होंने कहा कि इसी बात का फायदा उठाकर चीनी का यह कृत्रिम संकट खड़ा किया जा रहा है।
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