कोलकाता , अप्रैल 19 -- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर-पूर्वी इलाके न्यू टाउन में रविवार को एक नहर किनारे से 400 से अधिक आधार कार्ड बरामद होने के बाद तनाव फैल गया और चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोपहर के आसपास शुल्निगुड़ी दक्षिणपाड़ा इलाके में नहर किनारे खेल रहे बच्चों ने एक संदिग्ध बोरा देखा और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी।
जब बोरे को खोला गया तो उसमें बड़ी संख्या में आधार कार्ड पाए गए, जिन्हें देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए। निवासियों का दावा है कि अधिकांश आधार कार्ड इसी इलाके के लोगों के हैं।
एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया, "लगभग सभी आधार कार्ड पर शुल्निगुड़ी दक्षिणपाड़ा के पते हैं। ये हमारे ही इलाके के लोगों के हैं।"सार्वजनिक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड मिलने से इलाके में चिंता और असंतोष फैल गया।
विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मियों के बीच इस घटना ने जल्द ही राजनीतिक रंग ले लिया। तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता ने आरोप लगाया कि बरामद कार्डों में से अधिकांश उनकी पार्टी के समर्थकों के हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), जिसे कथित तौर पर भाजपा का समर्थन प्राप्त है, इस घटना के पीछे हो सकता है।
नेता ने कहा, "कई निवासियों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए अपने दस्तावेज बीएलओ को सौंपे थे। ऐसा प्रतीत होता है कि आधार कार्ड चुनकर एकत्र किए गए और यहां फेंक दिए गए। यह राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम है।"उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कृत्य विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान कुछ मतदाताओं के लिए बाधा उत्पन्न करने की सुनियोजित कोशिश हो सकती है।
राज्य में एसआईआर प्रक्रिया पहले ही बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाने और अनियमितताओं के आरोपों के कारण विवादों में रही है। इस घटना ने पहले से ही संवेदनशील राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है और व्यक्तिगत दस्तावेजों की सुरक्षा तथा उनके प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधार कार्ड के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी चिंताएं जताई गई हैं। इन आरोपों पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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