कोलकाता , अप्रैल 04 -- चुनाव आयोग के पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार को मौजूदा चुनावों के लिए तमिलनाडु में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में सेवा देने का निर्देश देनेके कुछ दिनों बाद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस जिम्मेदारी से राहत मांगी है।

बुधवार को जारी आयोग की अधिसूचना के अनुसार, श्री सरकार को तमिलनाडु के तिरुनेलवेली, अंबासमुद्रम, पलायमकोट्टई, नांगुनेरी और राधापुरम निर्वाचन क्षेत्रों में पर्यवेक्षक की ड्यूटी सौंपी गयी थी। सूत्रों ने हालांकि बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर इस तैनाती से छूट का अनुरोध किया है।

इकतीस जनवरी को श्री सरकार ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला था। चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद 16 मार्च को चुनाव आयोग ने उन्हें इस पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्हें सीआईडी में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर तैनात किया गया था।

उनकी रवानगी चुनाव आयोग की ओर से की गयी व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा थी। उसने इस कवायद में राज्य के पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडेय सहित कई वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों का तबादला किया था। चुनाव की घोषणा के बाद कुल 31 आईपीएस अधिकारियों को आयोग ने स्थानांतरित किया था।

यह घटनाक्रम हाल ही में मालदा में हुई उस घटना की पृष्ठभूमि में आया है, जहां मतदाता सूची से नाम हटाये जाने के विरोध में न्यायिक अधिकारियों पर हमला किया गया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को श्री सुप्रतीम सरकार के नेतृत्व वाली सीआईडी को बागडोगरा हवाई अड्डे से हमले के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने का श्रेय दिया था।

उन्होंने कहा था कि यह गिरफ्तारी सीआईडी ने की है, न कि स्थानीय पुलिस ने, जो वर्तमान में चुनाव आयोग के नियंत्रण में है।

उल्लेखनीय है कि आयोग ने इससे पहले पश्चिम बंगाल के कई अधिकारियों को चुनाव वाले राज्यों में प्रतिनियुक्त किया है। श्री सुप्रतिम सरकार से पहले, राज्य के छह आईएएस अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी पर तमिलनाडु भेजा गया था, जिनमें दो कार्यरत सचिव भी शामिल थे। आयोग ने तमिलनाडु और केरल में 15 आईपीएस अधिकारियों की तैनाती का भी आदेश दिया था, हालांकि 10 मामलों में इस निर्देश पर अमल किया गया।

अब श्री सुप्रतिम सरकार के राहत के अनुरोध के बाद आयोग को उनके विकल्प या इस असाइनमेंट पर पुनर्विचार करने के संबंध में निर्णय लेना होगा।

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