कोलकाता , अप्रैल 20 -- पश्चिम बंगाल में कोलकाता की एक अदालत ने सोमवार को सन एंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार को 28 अप्रैल तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया।

ईडी अधिकारियों की एक टीम ने कामदार को रविवार को उनके आवास पर छापा मारने के बाद गिरफ्तार किया गया था। ईडी अधिकारी ने बताया कि उन पर पूरे बंगाल में फैले जमीन घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

अदालत की कार्यवाही के दौरान, ईडी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगभग 150 फर्जी कंपनी खातों का एक नेटवर्क पकड़ा है जिसका इस्तेमाल हवाला लेनदेन के लिए किया जाता था। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कामदार और उसके सहयोगियों ने सिर्फ चार महीनों में लगभग 500 करोड़ रुपये के नकद लेनदेन किए जो एक बड़े हवाला रैकेट की ओर इशारा करता है।

अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू ने कामदार को 1.5 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जबकि कामदार ने केवल 15 लाख रुपये घोषित किए। जांचकर्ताओं ने कहा कि धन का यह लेन-देन कथित घोटाले से जुड़े एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा है।

ईडी के अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि कामदार के मोबाइल फोन से कोलकाता पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से जुड़ी व्हाट्सएप चैट बरामद हुई है। एजेंसी के अनुसार, कामदार कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के संपर्क में थे और उनके तथा उनके बेटों के साथ कथित तौर पर लेन-देन और उपहारों का आदान-प्रदान हुआ था।

केंद्रीय एजेंसी ने कामदार से जमीन हड़पने और घोटाले के संबंध में पूछताछ करने और लाभार्थियों का पता लगाने के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी थी। हालांकि अदालत ने उन्हें 28 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

सन एंटरप्राइजेज एक रियल एस्टेट कंपनी है जिसके कई व्यावसायिक हित हैं। कामदार के परिसर की पिछली तलाशी के दौरान, ईडी अधिकारियों ने कथित रूप से 1.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किया था।ईडी ने कल कामदार के आवास पर तलाशी ली थी। राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों और रियल एस्टेट ऑपरेटरों से जुड़े कथित जमीन हड़पने और आवास रैकेट की जांच के अंतर्गत शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़ी संपत्तियों की भी तलाशी ली गई।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह पूरा अभियान रियल एस्टेट विकास की आड़ में चल रहे एक बड़े जबरन वसूली रैकेट का हिस्सा हो सकता है। कामदार की गिरफ्तारी और उसके बाद अदालत में पेशी के साथ-साथ बिस्वास के परिसर में की गई तलाशी ने चुनाव वाले पश्चिम बंगाल में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित