कोरबा , मार्च 29 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय हनुमंत कथा का रविवार को शुभारंभ हुआ।

कथा स्थल ढपढप में पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया।

पंडित शास्त्री ने अपने संबोधन में कोरबा की ऊर्जा क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर पूरे देश को रोशन करता है। उन्होंने कहा, ''अगर कोरबा का कोयला बंद हो जाए, तो हमारे मध्य प्रदेश में भी अंधेरा छा जाएगा, वहाँ लाइट नहीं जलेगी।''उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, ''यहाँ आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठाठरी मारी जाएगी. अब यह खेल नहीं चलेगा'' उन्होंने आगे कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी ''घर वापसी'' कराई जाएगी।

उन्होंने भावुक संबोधन में कहा, ''यह माता कौशल्या की पावन धरती है और मैं यहाँ का भांचा हूँ. यहाँ मेरा पूरा अधिकार है'' उन्होंने श्रद्धालुओं के प्रति अपने स्नेह का भी इजहार किया।

यह धार्मिक आयोजन एक अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन कथा के साथ विशेष कार्यक्रम और ''दिव्य दरबार'' का आयोजन भी किया जाएगा।

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