कोरबा , मई 08 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के भैसमा तहसील अंतर्गत ग्राम पतरापाली में आदिवासी किसानों की जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आदिवासी परिवारों की भूमि सुरक्षा की मांग की।

उपायुक्त टी.आर. भारद्वाज ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद गांव में विशेष जांच शिविर लगाकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी लोग वर्ष 1990 से उनके पूर्वजों से जमीन खरीदने का दावा कर रहे हैं और निरक्षरता का फायदा उठाकर जमीन पर अपना अधिकार बता रहे हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब एक गैर-आदिवासी व्यक्ति ने सगे भाइयों मंगल सिंह और भूखन लाल को कथित रूप से जमीन से बेदखल कर उस पर घेरा डालकर कब्जा कर लिया। घटना के बाद गांव के अन्य आदिवासी परिवारों में भी जबरन बेदखली की आशंका को लेकर भय का माहौल है।

किसान सभा के संयुक्त सचिव प्रशांत झा, जिला सचिव दीपक साहू तथा सीटू के राज्य महासचिव एस एन बनर्जी ने बताया कि वर्ष 1999 में भी इसी प्रकार का मामला सामने आया था। उस समय अनुविभागीय अधिकारी कोरबा ने प्रकरण क्रमांक 8/अ-23/99-2000 में पीड़ित आदिवासी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कथित गैर कानूनी भूमि अंतरण को निरस्त कर दिया था।

नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान मामलों में भी 40 से 50 वर्ष पुराने भूमि विक्रय का दावा किया जा रहा है, जबकि मूल भूस्वामी अब तक संबंधित जमीन पर काबिज हैं। उन्होंने प्रशासन से सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर आदिवासी किसानों को न्याय दिलाने की मांग की।

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