कोरबा/रायपुर , मई 31 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिला प्रशासन ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई करते हुए आठ विक्रय केंद्रों के लाइसेंस अथवा बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है।
कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने रविवार को बताया कि जिले में किसानों की जरूरत के अनुरूप खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसी भी किसान को उर्वरकों की कमी न हो। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देते हुए रासायनिक उर्वरकों के साथ जैविक एवं हरी खाद के उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। किसानों को हरी खाद के रूप में ढैंचा और मूंग बीज वितरित किए जा रहे हैं, जबकि नील हरित काई के उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार सहकारी क्षेत्र में 12,700 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 7,132.58 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। किसानों द्वारा 1,129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव किया जा चुका है, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन खाद अभी भी उपलब्ध है।
जिले में 11,886 लीटर नैनो उर्वरकों का भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर का वितरण हो चुका है तथा 11,402.50 लीटर स्टॉक में उपलब्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा और किसानों को इसे लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
उधर, उर्वरक निरीक्षण दलों ने एक अप्रैल से अब तक 115 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया है। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 28 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं आठ केंद्रों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है तथा एक मामले में अवैध रूप से भंडारित 58 बोरी यूरिया जब्त की गई है।
कृषि विभाग ने कहा है कि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
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