रायपुर, फरवरी 13 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव में स्थित मक्का संयंत्र से हो रहे पर्यावरण प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार की अकर्मण्यता को जिम्मेदार ठहराया है।
श्री बैज ने कहा कि प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पिछले कई दिनों से स्थानीय निवासी प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ग्रामीण पिछले एक वर्ष से औद्योगिक इकाई से निकलने वाले ठोस और तरल अपशिष्ट की समस्या को लेकर प्रशासन से शिकायत कर रहे थे। इस दौरान दर्जनों बार प्रदर्शन भी हुए, लेकिन सरकारी तंत्र पूरी तरह से बेखबर बना रहा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन नहीं हो रहा है और सरकारी निगरानी समितियां केवल कागजों पर ही सीमित हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कचरे के कारण न केवल हवा प्रदूषित हो रही है, बल्कि आसपास के खेत बंजर हो रहे हैं। नदियों, तालाबों और पेयजल स्रोतों के दूषित होने से आम जनजीवन मुश्किल में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि बलौदाबाजार, कवर्धा, बलरामपुर, सूरजपुर और तमनार की तरह अब कोण्डागांव में भी जनता बगावत पर उतारू हो गई है।
श्री बैज ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में उद्योगों में अपशिष्ट प्रबंधन की घोर लापरवाही बरती जा रही है। महीनों से न तो पर्यावरण ऑडिट हो रहे हैं और न ही प्रभावितों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जनविरोधी और उद्योगपरस्त नीतियों के कारण ही ग्रामीण हिंसक प्रतिक्रिया देने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने अन्य उदाहरण देते हुए कहा कि बैलाडीला की लौह अयस्क खदानों के अवशेष से दंतेवाड़ा में हजारों एकड़ कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। शंखनी नदी और डंकनी नदी का पानी निजी उद्योगपतियों को बेचे जाने से वहां का पेयजल भी दूषित हो रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार प्रदूषण फैलाने वाले अधिकारियों और उद्योगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे तथा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान निकाले।
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