कोण्डागांव , जून 17 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में प्रतियोगी परीक्षाओं एवं वर्दीधारी सेवाओं में चयन का लक्ष्य रखने वाले ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए कोण्डागांव पुलिस का 'आरोहण' अभियान एक प्रभावी मंच बनकर उभरा है। जिला पुलिस द्वारा संचालित इस नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्तमान में करीब 60 अभ्यर्थी नियमित रूप से शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का उद्देश्य ऐसे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक सीमाओं अथवा संसाधनों के अभाव में महंगी कोचिंग संस्थाओं तक नहीं पहुंच पाते। कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापम, पीएससी, पुलिस भर्ती, बस्तर फाइटर्स, अग्निवीर सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। साथ ही पुलिस लाइन में भर्ती परीक्षाओं के अनुरूप शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

श्री चंद्रा ने कहा, "जिले के अनेक प्रतिभाशाली युवा शारीरिक दक्षता में तो बेहतर प्रदर्शन कर लेते हैं, लेकिन लिखित परीक्षा में उचित मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री के अभाव में पीछे रह जाते हैं। इसी आवश्यकता को देखते हुए आरोहण अभियान शुरू किया गया।" उन्होंने बताया कि प्रारंभ में 16-17 अभ्यर्थियों के साथ शुरू हुए इस अभियान से अब 60 से अधिक युवा जुड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का प्रयास है जिले का प्रत्येक इच्छुक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े 60 अभ्यर्थियों में से 35 का चयन विभिन्न भर्तियों में हुआ था, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।

फरसगांव क्षेत्र की स्नातकोत्तर छात्रा सत्यवंती नेताम, जो व्यापम सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं, ने बताया, "विज्ञान वर्ग की छात्रा होने के कारण सामान्य ज्ञान और गणित जैसे विषयों में मुझे कठिनाई महसूस होती थी लेकिन आरोहण में विषयों को सरल और व्यवस्थित तरीके से पढ़ाया जा रहा है। अभ्यास प्रश्नों और नियमित मार्गदर्शन से मेरी समझ और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं।" उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही यह नि:शुल्क कोचिंग युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

शामपुर निवासी सरस्वती ठाकुर ने कहा कि वह पुलिस सेवा में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा करना चाहती हैं। उनके अनुसार, "आरोहण के माध्यम से उन्हें न केवल पढ़ाई की सुविधा मिल रही है, बल्कि अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा निशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि आर्थिक बोझ के बिना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाना उनके जैसे अनेक युवाओं के लिए बड़ी राहत है और इससे लक्ष्य प्राप्ति का विश्वास मजबूत हुआ है।

इस अभियान का लाभ पुलिस विभाग के कर्मचारी भी उठा रहे हैं। पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक संदीप कुमार पोयाम ने बताया कि उन्होंने सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा, "ड्यूटी की व्यस्तता के कारण नियमित कोचिंग लेना संभव नहीं था लेकिन अब खाली समय में आरोहण के माध्यम से निशुल्क अध्ययन कर पा रहे हैं।" उनके अनुसार यह पहल नौकरी के साथ उच्च पदों की तैयारी करने वाले कर्मचारियों के लिए भी उपयोगी साबित हो रही है।

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