रांची , जुलाई 16 -- झारखंड के कोडरमा जिले में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों में वर्षों से चली आ रही लापरवाही पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने ऑनलाइन पोर्टल की समीक्षा के दौरान बिना किसी वैध आपत्ति के महीनों से लंबित पड़े 274 म्यूटेशन आवेदनों पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अंचल अधिकारियों पर कुल 2.68 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

समीक्षा में सामने आया कि जिले के पांच अंचलों में 30 से 180 दिनों तक आवेदन लंबित रखे गए थे, जो झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम-2011 का उल्लंघन है। उपायुक्त ने अधिनियम की धारा 7 एवं 8 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों के वेतन से जुर्माने की राशि वसूलने का आदेश दिया है।

समीक्षा के अनुसार सबसे अधिक 95 आवेदन जयनगर अंचल में लंबित पाए गए।

इसके अलावा चंदवारा में 75, डोमचांच में 49, मरकच्चो में 34, सतगावां में 20 और कोडरमा अंचल में 6 मामले लंबित थे। इसके आधार पर जयनगर अंचल अधिकारी पर 95 हजार रुपये, चंदवारा पर 75 हजार रुपये, डोमचांच पर 49 हजार रुपये, मरकच्चो पर 34 हजार रुपये तथा सतगावां अंचल अधिकारी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

जिले में पहली बार इस तरह की कार्रवाई होने से राजस्व व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इससे अंचल कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा लोगों को समयबद्ध तरीके से राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ज्ञातव्य है कि लंबे समय से लोग शिकायत करते रहे हैं कि मामूली कारणों का हवाला देकर दाखिल-खारिज के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारी है और अनावश्यक विलंब अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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