भुवनेश्वर , अक्टूबर 20 -- बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार पर आरोप लगाया कि विवादित कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश द्वारा पंचायत चुनाव कराने के कदम पर उसकी 'चुप्पी' राज्य की क्षेत्रीय अखंडता के साथ विश्वासघात है।

यह प्रतिक्रिया तब आई जब पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने एक पत्र लिखकर कोटिया मुद्दे पर राज्य सरकार की चुप्पी की ओर ध्यान दिलाया। बीजद के मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए ओडिशा के क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने में विफल रही है।

श्री मोहंती ने कहा कि श्री पटनायक के नेतृत्व में बीजद के दो दशकों से अधिक के शासनकाल के दौरान सुनियोजित विकास कार्यों के जरिए कोटिया के लोगों पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे इस क्षेत्र में ओडिशा की प्रशासनिक उपस्थिति मजबूत हुई और वहां के निवासियों के दैनिक जीवन में सुधार आया। श्री मोहंती ने दावा किया कि 2024 तक इन पहलों पर 108 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजद ने कोटिया को केवल एक विवादित सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में नहीं बल्कि ओडिशा के एक अभिन्न अंग के रूप में देखा है, जिसके निवासी राज्य के अन्य नागरिकों की तरह ही सम्मान और सार्वजनिक सेवाओं के हकदार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जून 2024 में सत्ता में आई भाजपा सरकार उन क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने में विफल रही है, जिनकी उसने चुनावों से पहले पुरजोर वकालत की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने बार-बार वादा किया था कि एक डबल-इंजन सरकार कोटिया विवाद को स्थायी रूप से सुलझाएगी, ओडिया गौरव को बहाल करेगी और गो बैक आंध्र के नारे के साथ इस क्षेत्र में आंध्र प्रदेश के हस्तक्षेप को खत्म करेगी।

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