कोटा , सितम्बर 01 -- राजस्थान में कोटा का प्रसिद्ध अनंत चतुर्दशी महोत्सव इस बार भक्ति, शौर्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ और विराट स्वरूप में नजर आएगा।
पच्चीस सितंबर को निकलने वाली अनंत चतुर्दशी की भव्य शोभायात्रा में इस बार केरल का पारंपरिक युद्ध कौशल कलरी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगा।
आयोजन समिति के अनुसार, देश की दूसरी सबसे बड़ी और राजस्थान की सबसे बड़ी मानी जाने वाली इस शोभायात्रा में करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। करीब 19 घंटे तक चलने वाली इस यात्रा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति की अध्यक्ष महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा कि सनातन परंपरा में घरों में छह से नौ इंच की मिट्टी और गोबर से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना को विशेष फलदायी माना गया है। उन्होंने शहरवासियों से पीओपी और रासायनिक पदार्थों से बनी प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी और गोबर से बनी पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम अपने लिए सुविधाएं जुटा रहे हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी को कैसा पर्यावरण देंगे, इस पर भी विचार करना होगा। दस दिनों तक मिट्टी और गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमा की श्रद्धापूर्वक पूजा कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।
आयोजन समिति के प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि शोभायात्रा को इस बार और भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए केरल के पारंपरिक युद्ध कौशल और मार्शल आर्ट कलरी को शामिल किया जा रहा है। जुलूस में करीब 90 अखाड़े, दो सौ झांकियां एवं अखाड़े, 10 भजन मंडलियां और 10 डांडिया मंडलियां शामिल होंगी। शहर की करीब 150 स्वागत समितियां मार्ग में श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगी।
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