जयपुर , अक्टूबर 06 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य के कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑपरेशन के बाद किडनी फेल होने से पांच प्रसूताएं आज डायलिसिस के सहारे जिंदगी कीसांसें गिन रही हैं और परिजनों को आगे के इलाज की कोई जानकारी तक नहीं दी जा रही।

श्री गहलोत ने मंगलवार को अपने बयान में यह आरोप लगाया और कहा कि इसी मामले में पांच महिलाओं की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गत 16 जुलाई को प्रशासन ने निःशुल्क इलाज और किडनी ट्रांसप्लांट का भरोसा दिया लेकिन कैडेवर(मृत दाता) सूची में पंजीकरण हुआ 15 सितंबर को, यानी दो महीने बाद।

उन्होंने कहा कि अब जांच कमेटियों ने निलंबित तीनों चिकित्सकों को क्लीन चिट देकर बहाल भी कर दिया। सीधा सवाल है कि अगर किसी की व्यक्तिगत लापरवाही नहीं थी, तो पांच महिलाओं की मौत और कई की किडनी फेल होने का जिम्मेदार कौन है। पीड़ित परिवार जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं, फिर भाजपा सरकार रिपोर्ट सार्वजनिक करने से क्यों बच रही है।

श्री गहलोत ने कहा कि जिन बेटियों की जिंदगी दांव पर है, उन्हें वादों में उलझाए रखना संवेदनहीनता की हद है। इन्हें जल्द ट्रांसप्लांट, पूरा मुआवजा और जवाबदेही चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित