, June 23 -- जाेधपुर 23 जून (वर्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को गंभीर घटना बताया है और कहा है कि राज्य सरकार को चिकित्सा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि वह कोटा प्रसूता मौत मामले में करीब डेढ़ महीने बाद भी सही कारण नहीं बता पायी है।
श्री गहलोत मंगलवार को जोधपुर सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वह कोटा जाकर प्रसूताओं से मिलकर आये, जहां पांच प्रसूताओं की मृत्यु हो गयी थी। हज़ारों प्रसूताएं प्रसव के लिए अस्पताल जाती हैं, वहां पर अगर मौतें हो जायें या संक्रमण हो जाये और अगर उसके कारण से उनकी किडनी खराब हो गयी है तो बहुत गंभीर घटना हैं।
उन्होंने कहा कि बयान आया कि जोधपुर में कोटा की तरह की स्थिति नहीं है, तो कोटा की स्थिति के बारे में अभी तक जनता को तो मालूम नहीं। सरकार बताये कि कोटा में कोई संक्रमण हुआ या ऑपरेशन थियेटर एवं दवाइयों में कुछ गड़बड़ हुई। पहले कैसे कहा जा सकता हैं यह कोटा की तरह की घटना नहीं हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कोटा की घटना क्या थी।
श्री गहलोत ने कहा कि यह इतना बड़ा मामला है कि जहां हज़ारों प्रसूताएं अस्पताल जाती हैं, उन सब में अगर भय बैठ जाये कि कहीं उसके साथ ऐसी घटना नहीं हो जाये तो क्या होगा बताओ, तो यह बड़ा मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि कोटा घटना के बारे में आज करीब डेढ़ महीने बाद भी घटना के स्पष्ट कारण बताने की स्थिति में नहीं हो, तो लोगों में चिंता व्याप्त है। सरकार को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि हज़ारों प्रसूताएं हर रोज अस्पताल जा रही हैं। क्या बीत रही होगी उनके ऊपर। यह बहुत गंभीर मामला है, सरकार की लापरवाही को न तो जनता बर्दाश्त करेगी, न हम बर्दाश्त करेंगे। हमें और ज़्यादा क़दम उठाने पड़ेंगे, संघर्ष करना पड़ेगा।
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