भरतपुर , अगस्त 12 -- राजस्थान में कोटा जिले में दीगोद तहसील की कालीसिंध नदी के नवनेरा बैराज से मंगलवार को छोड़े गये करीब चार लाख 15 हजार क्यूसेक पानी के बुधवार देर रात तक धौलपुर की चंबल नदी में पहुंचने की सम्भावना के मद्देनजर धौलपुर प्रशासन ने चेतावनी जारी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चंबल नदी के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए कहा गया है कि देर शाम तक धौलपुर में चंबल नदी का जलस्तर लगभग 133 मीटर तक पहुंच सकता है। धौलपुर में चंबल नदी का खतरे का निशान 129.79 मीटर है, ऐसे में संभावित जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर पहुंचने का अनुमान है।
पानी की इस बड़ी आवक को देखते हुए प्रशासन ने चंबल नदी के तटीय क्षेत्रों और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। संबंधित तहसीलदार, पटवारी, गिरदावर और ग्राम पंचायतों के सरपंचों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें नदी के जलस्तर में किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है। चंबल नदी के किनारे बसे गांवों में प्रशासन के दल सक्रिय कर दिये गये हैं।
अधिकारी संभावित प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत एवं बचाव के इंतजाम करने की तैयारियां की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और बच्चों एवं मवेशियों को नदी किनारे न जाने देने काे कहा गया है।
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