कोटा, अक्टूबर (वार्ता) राजस्थान में कोटा में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का रविवार को श्रीराम रंगमंच पर भव्य एवं गरिमामय वातावरण में औपचारिक शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर सहित अतिथियों ने मेला ध्वज फहराकर, आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर और आतिशबाजी के साथ मेले के उद्घाटन की घोषणा की।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मदन दिलावर ने मेले की भव्यता और दिव्यता में हर वर्ग की सहभागिता पर बल देते हुए कहा कि कोटा का दशहरा मेला लोक आस्था और एकता का प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले से जुड़े प्रत्येक घटक चाहे वे व्यापारी हों, स्थानीय कलाकार हों, दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थी हों या सहयोग करने वाले कर्मचारी सभी को पूरा मान-सम्मान मिले और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
समारोह को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस मेले को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। कोटा को केवल शिक्षा नगरी के साथ एक प्रमुख 'पर्यटन नगरी' के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पावन अवसर और रावण दहन का प्रतीक हमें यह संदेश देता है कि हमें असत्य पर सत्य की विजय के साथ-साथ अपने जीवन की बुराइयों का भी अंत करना होगा।
कार्यक्रम में लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि कोटा दशहरा मेले की परंपराओं से उनके परिवार का ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की प्रेरणा से आज कोटा में विरासत और विकास का बेहतरीन समन्वय देखने को मिल रहा है। उन्होंने समाज में महिलाओं के सम्मान को पूजा का सच्चा रूप बताया।
स्वागत भाषण देते हुए मेला अधिकारी एवं निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि कोटा दशहरा मेला सामाजिक समरसता, व्यापार और लोक कला का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में इस बार दर्शकों को सुरक्षित वातावरण, बेहतरीन व्यवस्थाएं और उच्चस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे।
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