जयपुर , अक्टूबर 21 -- राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले में जल्द ही राज्य का पहला ई-बस विनिर्माण संयंत्र स्थापित होगा।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार ने नीमराणा तहसील के घिलोठ औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बस विनिर्माण संयंत्र के लिये दो लाख 65 हजार 329 वर्गमीटर एकड भूमि का आवंटन किया है। 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' में हुए एक करार के तहत निजी क्षेत्र की कंपनी पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स प्रा. लिमिटेड को रीको के माध्यम से यह भूमि आवंटित की गयी है। इस संयंत्र में शुरुआत में करीब 1200 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा और ई-बसों के अतिरिक्त यहां बस ढांचा, मोटर, बैटरी, वायर हार्नेस और कल पुर्जों का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात करके बेहद कम समय में त्वरित गति से भूमि आवंटन के लिए उनका आभार जताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सेवाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार निरन्तर फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मेक इन इण्डिया' संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण क्षेत्र में राजस्थान देश का महत्वपूर्ण केन्द्र बनकर उभरेगा।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के युवाओं को इलेक्ट्रो मॉबिलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जायेगा और उनके लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के भरपूर अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि ई-बसों के संचालन से राज्य में हरित ऊर्जा और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ ही, शहरी परिवहन सेवा भी सुगम होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्चाधिकारियों सहित पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स के प्रबंध निदेशक सतीश कुमार जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आंचल जैन, कार्यकारी निदेशक गजेन्द्र यादव, निदेशक दीपांशु द्विवेदी, संयंत्र प्रमुख हरीश यादव उपस्थित रहे।
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