कोच्चि , अक्टूबर 14 -- केरल के कोच्चि में मार्केट रोड स्थित एक प्राचीन यहूदी आराधनालय में आग लगने की घटना में आतंकवादी संबंधों के संदेह ने राज्य में यहूदी विरासत स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से कथित संबंध रखने वाले एक युवक की गिरफ्तारी के बाद कोच्चि के यहूदी समुदाय और इजरायल से संबंधित स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। गिरफ्तार युवक की पहचान अबिन पॉल के रूप में हुई है। उस पर पाकिस्तान स्थित संगठनों से संबंध होने का संदेह है, हालांकि इन कथित संबंधों की स्वतंत्र रूप से अब तक पुष्टि नहीं हुई है। जांचकर्ता घटना के पीछे के मकसद का पता लगा रहे हैं और यह जांच कर रहे हैं कि आग की घटना किसी लक्षित हमले का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई व्यापक साजिश थी। अब तक ऐसा कोई पुष्ट सबूत सामने नहीं आया है, जिससे इस घटना का इजरायल से संबंध स्थापित हो सके।
दक्षिण-पूर्व एशियाई राजनीतिक टिप्पणीकार एवं विश्लेषक ए. हरिकुमार ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस घटना पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आराधनालय में पुलिस सुरक्षा होने के बावजूद यह घटना हुई। उन्होंने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने इस धार्मिक स्थल पर संभावित खतरे को लेकर चेतावनी दी है और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल उठाए।
श्री हरिकुमार ने आरोप लगाया कि केरल आतंकवादियों के लिए भर्ती का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने संवेदनशील धार्मिक संस्थानों और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने तथा सतर्कता बरतने की मांग की।
उनकी टिप्पणियों के बाद कोच्चि के ऐतिहासिक यहूदी स्थलों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। ये स्थल शहर की बहुसांस्कृतिक विरासत और इजरायल के साथ उसके लंबे ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाते हैं।
इस घटना के बाद फोर्ट कोच्चि की ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी ध्यान गया है। इनमें कोडर हाउस प्रमुख है, जहां 29 सितंबर को भीषण आग लगी थी। हालांकि, यहूदी आराधनालय में आग लगने की घटना और कोडर हाउस में लगी आग के बीच अब तक कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है। इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक ने मार्च 2022 में कोडर हाउस का दौरा किया था। इससे कोच्चि के ऐतिहासिक विरासत स्थलों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता चलता है।
फोर्ट कोच्चि के टावर रोड पर स्थित तीन मंजिला ऐतिहासिक इमारत कोडर हाउस की ऊपरी मंजिल पर 29 सितंबर को शाम करीब 6.30 बजे आग लगी और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गयी। समुद्र तट की ओर से चल रही तेज हवाओं के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आग की लपटों ने इमारत के सामने लगे एक पेड़ को भी अपनी चपेट में ले लिया।
होटल के कर्मचारियों ने मुंबई से आए दो पर्यटकों समेत सभी मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं मिली। हालांकि, आग से प्रभावित अतिथि कक्ष में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया।
मट्टनचेरी से अग्निशमन एवं बचाव सेवा के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचने वाले शुरुआती दलों में शामिल थे। आग तेज होने पर अतिरिक्त दलों को बुलाया गया और करीब 10 दमकल इकाइयों ने बचाव एवं आग बुझाने के अभियान में हिस्सा लिया। एहतियात के तौर पर पुलिस ने आसपास की दुकानों से लोगों को बाहर निकाला और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
दमकलकर्मियों को शुरुआत में इमारत के सामने से भीतर पहुंचने में कठिनाई हुई। इसके बाद वे पीछे के रास्ते से अंदर गए और आग बुझाने का प्रयास किया। कोच्चि के पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर भारतीय नौसेना ने भी अभियान में हिस्सा लिया। आईएनएस द्रोणाचार, आईएनएस वेंदुरुथी और आईएनएस गरुड़ से दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया। नौसेना के कर्मियों ने नागरिक एजेंसियों की मदद की।
रात करीब 9.30 बजे आग पर काबू पा लिया गया। इससे आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया।
कोडर हाउस में आग लगने के सटीक कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आकलन में आशंका जताई गई कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो सकती है। ऐतिहासिक इमारत में लकड़ी का व्यापक इस्तेमाल होने के कारण आग बुझाने के प्रयासों में भी कठिनाई आई। आग लगने के कारण और नुकसान का पता लगाने के लिए विस्तृत निरीक्षण की जरूरत बताई गई।
कोडर हाउस का संबंध कोचीन के प्रमुख यहूदी परिवारों में शामिल कोडर परिवार से है। यह इमारत बंदरगाह शहर में यहूदी समुदाय की लंबे समय से मौजूदगी की एक महत्वपूर्ण निशानी है। अपनी विशिष्ट लाल रंग की बाहरी दीवारों, पारंपरिक लकड़ी के आंतरिक हिस्सों और वास्तुकला की विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध यह इमारत फोर्ट कोच्चि के औपनिवेशिक काल की स्थापत्य विरासत को दर्शाती है।
बताया जाता है कि वर्ष 1808 में बनी इस इमारत का निर्माण सैमुअल एस. कोडर ने कराया था, जो कोचीन इलेक्ट्रिक कंपनी से जुड़े थे। नीदरलैंड के मानद वाणिज्य दूत के रूप में कार्य कर चुके कोडर ने कोचीन में फ्रीमेसन की शाखा स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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