पटना , फरवरी 16 -- पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में सोमवार को कोचिंग संस्थानों के संचालन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जायेगा।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी और कोचिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुये जिलाधिकारी ने सभी हितधारकों को प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन ने बताया कि बिना वैध निबंधन प्रमाण- पत्र के कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं होगा, प्रत्येक छात्र के लिये न्यूनतम एक वर्ग मीटर स्थान और अवरोधमुक्त प्रवेश- निकास अनिवार्य है और अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के सभी मानकों का पालन आवश्यक है।
उल्लंघन की स्थिति में अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
वरीय पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा ने निर्देश दिया कि सभी कोचिंग संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाले एचडी सीसीटीवी कैमरे लगें, जिनका कम- से- कम 30 दिनों का बैकअप हो। प्रत्येक थाना में क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों का पंजी संधारित किया जायेगा। साथ ही शिकायत पेटी, डायल-112 सहित आपातकालीन नंबरों का प्रदर्शन और विद्यार्थियों की अनुपस्थिति की सूचना अभिभावकों को देना अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी ने कोचिंग संचालकों को नये निबंधन या नवीकरण के लिये 10 दिनों के भीतर आवेदन देने को कहा और अधिकारियों को समय- सीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में गठित टीमों द्वारा विभिन्न संस्थानों की जांच की जा चुकी है और आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी।
बैठक में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और शिक्षा मंत्रालय के दिशा- निर्देशों के अनुपालन पर भी बल दिया गया। प्रशासन ने सभी विभागों और कोचिंग संचालकों से समन्वय बनाकर विद्यार्थियों के हित में आवश्यक कार्रवाई करने का आह्वान किया।
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