इंफाल , फरवरी 10 -- मणिपुर में मैइती नागरिक समाज संगठनों की एक समिति, मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (कोकोमी) ने सात फरवरी को उखरुल जिले के लिटान गांव में तंगखुल और कुकी समूहों के बीच हुई आगजनी एवं तोड़फोड़ की हालिया घटनाओं पर अपनी गंभीर चिंता एवं गहरा दुख व्यक्त किया है।
कोकोमी ने मंगलवार को कहा कि ये घटनाएं अकेली या आकस्मिक नहीं हैं बल्कि मणिपुर के लोगों पर परोक्ष राजनीति एवं जानबूझकर संस्थागत उपेक्षा कर थोपे गए एक लंबे एवं सुनियोजित संकट की एक और दुखद अभिव्यक्ति हैं। संगठन ने कहा कि हम जो देख रहे हैं वह इतिहास की कोई आकस्मिक घटना नहीं है बल्कि एक ऐसी नीतिगत समस्या है।
कोकोमी ने आरोप लगाया है कि यह समझौता कभी भी वास्तविक शांति के लिए नहीं किया गया बल्कि यह मणिपुर के सामाजिक ताने-बाने को नियंत्रित करने, दबाव बनाने और दीर्घकालिक रूप से अस्थिर करने के एक साधन के रूप में काम करता रहा है।
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