अमृतसर , अगस्त 28 -- पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी कोइटा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की इमारत को ढहाकर वहां व्यावसायिक शॉपिंग प्लाजा बनाए जाने की खबरों पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गंभीर चिंता जतायी है।

एडवोकेट धामी ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान में सिख गुरुओं के अलावा सिख इतिहास और विरासत से जुड़े अनेक गुरुद्वारे मौजूद हैं। ये धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि सिख समुदाय की ऐतिहासिक पहचान और विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक स्थलों को गिराकर व्यावसायिक निर्माण करना सिख भावनाओं का निरादर है।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने पाकिस्तान सरकार और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर कथित रूप से चल रहे निर्माण को रोकने तथा गुरुद्वारा साहिब की संपत्ति सिख समुदाय को सौंपने की मांग की। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है।

एडवोकेट धामी ने भारत के विदेश मंत्रालय से भी अपील की कि वह इस मामले को कूटनीतिक माध्यम से पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाये और ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब की विरासत एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के लिए प्रभावी कदम उठाये।

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